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Tuesday, August 21, 2018
आज हम अपने जेब और जेब में नोट, सिक्के और क्रेडिट कार्ड रखते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे इतिहास क्या है? क्या हमारे पूर्वजों को भी चीजें खरीदने और बेचने के लिए लक्जरी थी...
१६-१८ मार्च को दिल्ली में आयोजित मैथिली साहित्य महोत्सव पूरी तरह से सफल रहा । इस महोत्सव में कई नाट्य ,नाटिका,शार्ट फिल्म और कविताओं का मंचन किया गया | कलाकारों ने ...
मधुबनी रेलवे स्टेशन पारंपरिक मिथिला कला में बदलने के बाद , भारतीय रेलवे राज्य के अन्य प्रसिद्ध शिल्पों का प्रदर्शन करके बिहार के और अधिक स्टेशनों को आकर्षक बनाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे ने अब अन्य स्टेशनों...
  हम सबने मधुबनी पेंटिंग को देखा होगा ...क्या आपने ये कभी सोचा है की ये पेंटिंग चर्चित कैसे हुई |आखिर इसके प्रचलित होने के पीछे वजह क्या है | आईये जाने इस रोचक तथ्य को| मिथिला चित्रकला,चूँकि एक घरेलू अनुष्ठान...
बिहार की साहित्यिक साहित्यिक गरिमा को जिस महान कलाकारों ने  बढ़ाया है उनमें एक नाम भिखारी ठाकुर का भी है. सारण जिला के कुतुबपुर दियारा में पैदा हुए भिखारी ठाकुर को बिहार की धरती या भोजपुर की माटी का शेक्सपीयर कहा...

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