भारतीय नृत्य कला मंदिर पटना में स्थित एक बहुउद्देश्यीय सांस्कृतिक केंद्र

0
61
bhartiya nritya kala mandir

परिचय

भारतीय नृत्य कला मंदिर बिहार, की राजधानी  पटना में स्थित एक बहुउद्देश्यीय सांस्कृतिक केंद्र और , कला और शिल्प संग्रहालय है।

Bhartiya Nritya Kala Mandir
इतिहास
कला संस्थान के लिए आधारशिला 8 दिसंबर 1 9 50 को रखी गई थी। मणिपुरी और कथकली नृत्य में पारंगत मास्टर पद्मश्री हरि उपपाल द्वारा स्थापित को आधिकारिक तौर पर 1 9 63 में खोला गया था।

भारतीय नृत्य कला मंदिर के अंदर
भारतीय नृत्य कला मंदिर के इमारत में नृत्य और नाटक स्टूडियो, एक गैलरी स्पेस और एक कला संग्रहालय शामिल है।
यहाँ प्रदर्शित होने वाले इवेंट में शामिल हैं , संगीत, कॉमेडी, नृत्य,विजुअल आर्ट , बोली जाने वाली शब्द और बच्चों के इवेंट ।

कला संग्रहालय

यहाँ पर एक कला संग्रहालय भी है जहाँ आपको प्राचीन वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला दिख जाएगी । डिस्प्ले के वस्तुओं में टेराकोटा, गहने, धातु वस्तुओं, पत्थर की मूर्तियां, पत्थर के उपकरण, मिट्टी के बर्तन, संगीत वाद्ययंत्र, लकड़ी की पल्की, वस्त्र और 500 बीसी और ५०० एडी के बीच के मास्क शामिल हैं .

नृत्य प्रशिक्षण केंद्र

यहाँ पर एक नृत्य प्रशिक्षण केंद्र भी है| यहाँ नृत्य प्रशिक्षक ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक, लोक नृत्य इत्यादि सिखाते हैं।

यहाँ प्रदर्शनी आयोजित की जाती है 

यहाँ बहुत सारी कला आधारित प्रदर्शनियां भी आयोजित की जाती है जैसे पेटिंग ,ड्राइंग इत्यादि

विभिन्न कला में कोर्स भी कराई जाती है यहाँ
कला व संस्कृति विभाग की ओर से संचालित प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय नृत्य कला मंदिर शास्त्रीय और लोकनृत्य, संगीत और वादन में कोर्स भी कराई जाती है यहां सात विधाओं में पढ़ाई होती है। ये कोर्स छह वर्ष के हैं। शास्त्रीय नृत्य कथक, ओडिसी और भरतनाट्यम में और लोकनृत्य में केवल लड़कियों का नामांकन लिया जाता है। वहीं शास्त्रीय गिटार वादन, गायन, लोकगीत के कोर्स में लड़के और लड़की दोनों नामांकन ले सकते हैं।

                         कालिदास रंगालय : पटना में होने वाले सांस्कृतिक प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण  केंद्र

                      ऐसे अन्य आर्टिकल पढ़ने के लिए हमें सब्सक्राइब जरूर करें

[gem id=1391812]

 

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here